पॉल्यूशन के कारण शहर की सांसें फूलीं, पीएम 2.5 का स्तर पहुंचा 414 तक, पुलिस प्रशासन के सारे दावे फेल

दिवाली पर एनजीटी का आदेश शहर में बेअसर रहा। पूरी रात पटाखे फूटते रहे। इससे पॉल्यूशन बढ़ने से रविवार को शहर की सांसें फूलने लगीं। प्रदूषण के कारण पीएम 2.5 का स्तर 414 तक पहुंच गया। शनिवार शाम करीब सात बजे से ही आंखों में जलन महसूस होने लगी थी। रात आठ बजते ही पूरे शहर में जमकर पटाखे फोड़े गए।

शहरवासियों ने प्रदूषण की चिंता किए बगैर खुलेआम एनजीटी और राज्य सरकार के आदेश की धज्जियां उड़ाते रहे। हैरानी की बात यह है कि जिन एजेंसियों को पटाखों की बिक्री और जलाने से रोकने की जिम्मेदारी दी गई थी उन्होंने आंखें बंद कर रखी थीं। प्रदूषण के कारण अस्थमा मरीजों, बुजुर्गों और बच्चों को अधिक परेशानी हुई। शाम छह बजे से ही लोग घरों के अंदर कैद हो गए थे। पुलिस की गाड़ियां सिर्फ हूटर बजाते घूमती रहीं। लेकिन किसी को रोकने का प्रयास नहीं किया। यही हाल नगर निगम और जिला प्रशासन के अधिकारियों का रहा। यही नहीं पूरे शहर में पटाखों की धड़ल्ले से बिक्री हुई लेकिन पुलिस ने दो-चार के खिलाफ कार्रवाई कर पल्ला झाड़ लिया। पटाखा फोड़ने का सिलसिला रविवार को भी चलता रहा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने फरीदाबाद, गुडग़ांव समेत दिल्ली एनसीआर के सभी जिलों में पटाखों की बिक्री और जलाने पर 9 नवंबर से 1 दिसंबर तक रोक लगा रखी है। एनजीटी ने राज्य सरकार को पत्र भेजकर इस आदेश को सख्ती से लागू कराने का आदेश दिया था। हरियाणा के चीफ सेक्रेटरी विजय वर्धन ने एनजीटी के आदेश का हवाला देकर डीसी व पुलिस कमिश्नर को पत्र भेजकर सख्ती से पालन कराने का आदेश दिया था।

हैरानी की बात यह है कि दोनों विभाग एनजीटी के आदेश का पालन कराने में फेल रहे। पटाखा फूटने से प्रदूषण के कारण शनिवार रात से रविवार दोपहर चार बजे तक आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत महसूस हो रही थी। शनिवार को जहां पीएम 2.5 का स्तर 440 रिकार्ड किया गया था, वहीं रविवार चार बजे के बाद बारिश होने के बाद भी स्तर 414 तक दर्ज किया गया। सीपीसीबी के आंकड़ों के मुताबिक सेक्टर-16ए के आसपास प्रदूषण का स्तर 420, सेक्टर-11 के आसपास 418, न्यूटाउन के आसपास 426 और सेक्टर-30 के आसपास 394 दर्ज किया गया।
जिले में अवैध रूप से पटाखा बेचने और जलाने वालों को रोकने के लिए जिले के कुल 29 थानों को जिम्मेदारी दी गई थी। लेकिन जानकर हैरानी होगी कि पुलिस ने शनिवार को केवल एक एफआईआर दर्ज की। वह भी कोतवाली पुलिस ने। एसीपी एवं पुलिस प्रवक्ता आदर्शदीप सिंह ने बताया कि अवैध रूप से पटाखा बेचने वाले एक व्यक्ति के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने पर्चा दर्ज किया। किसी पटाखा जलाने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।

किसी विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की

डीसी यशपाल यादव ने आदेश जारी कर पुलिस, नगर निगम, दमकल विभाग समेत जिला प्रशासन के कई अफसर एसडीएम, बीडीपीओ, तहसीलदार व नायब तहसीलदारों की ड्यूटी लगाकर पटाखों की बिक्री व जलाने वालों को रोकने का आदेश दिया था। लेकिन किसी भी विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की।

50 मामले पटाखों से जलने के आए: दिवाली पर आतिशबाजी का मजा लेना 50 लोगों को भारी पड़ गया। असावधानी के चलते किसी के हाथ जले तो किसी के चेहरे। बीके अस्पताल समेत अन्य निजी अस्पतालों में कुल 50 मामले पटाखों से जलने के आए। अकेले बीके अस्पताल में शनिवार देर रात से रविवार दोपहर तक पटाखों से झुलसने के करीब 25 मामले आए। लगभग इतने ही मरीज निजी अस्पतालों की इमरजेंसी में पहुंचे।

बारिश से मिली थोड़ी राहत: रविवार दोपहर बाद शहर में हुई हल्की बारिश से लोगों को थोड़ी राहत मिली। तेज हवा और पानी के कारण आंखों में जलन कम महसूस की गई। हरियाणा राज्य प्रदूषण बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि बारिश से प्रदूषण में सोमवार को कमी दर्ज की जाएगी। क्योंकि वातावरण में उड़ने वाले धूल के छोटे-छोटे कण पानी से नीचे आ जाएंगे। साथ ही सड़कों से उड़ने वाली धूल भी नहीं उड़ पाएगी। इसके साथ ठंड में भी बढ़ोतरी होगी।




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फरीदाबाद. प्रतिबंध के बाद भी दिवाली पर इस तरह आतिशबाजी होती रही।


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